Punjab DGP Post: पंजाब में स्थायी DGP की होगी नियुक्ति; UPSC ने राज्य सरकार से IPS अधिकारियों का पैनल मांगा

पंजाब में स्थायी DGP की होगी नियुक्ति; UPSC ने राज्य सरकार से IPS अधिकारियों का पैनल मांगा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

Permanent DGP Will Be Appointed Soon in Punjab Breaking News

Permanent DGP Will Be Appointed Soon in Punjab Breaking News

Punjab DGP Post: पंजाब में जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की जा सकती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने इस संबंध में अब कड़ा रुख अपनाया है। UPSC ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर 10 दिनों के भीतर योग्य और वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है, ताकि स्थायी डीजीपी की नियुक्ति पर विचार किया जा सके। बताया जा रहा है  कि UPSC ने पंजाब सरकार को भेजे गए पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 5 फरवरी के उस आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने  कड़े लहजे में कहा था कि राज्य सरकारों को स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए UPSC को प्रस्ताव भेजने में देरी नहीं करनी चाहिए।

बता दें कि UPSC की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकारों द्वारा स्थायी DGP की नियुक्ति के लिए पैनल भेजने को दरकिनार किए जाने और अत्यधिक देरी किए जाने को लेकर चिंता जाहिर की थी। UPSC ने कहा था कई राज्य 'प्रकाश सिंह मामले' में दिये ग शीर्ष अदालत के फैसले की पूरी तरह से अवहेलना करते हुए स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल या तो भेज नहीं रहे हैं या फिर नियमित नियुक्ति के बजाय कार्यवाहक डीजीपी की नियुक्ति करके एक तदर्थ व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को डीजीपी के रूप में नियुक्ति के लिए विचार किए जाने से वंचित किया जा रहा है।

इधर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा व्यक्त की गई चिंता का सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से समर्थन किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI) और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने राज्यों में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) के चलन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस प्रथा पर रोक लगनी चाहिए। पीठ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्यों को डीजीपी की नियुक्ति के लिए UPSC को प्रस्ताव भेजने में देरी नहीं करनी चाहिए।

CJI की पीठ ने कहा था कि UPSC को डीजीपी की नियुक्ति के लिए राज्य सरकारों को पैनल भेजने के लिए रिमाइंडर भेजने का अधिकार है। पीठ ने यह साफ कहा कि यदि रिमाइंडर भेजने के बाद भी कोई राज्य पैनल नहीं भेजता है तो UPSC ऐसे राज्यों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए स्वतंत्र है।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में पुलिस सुधारों से संबंधित 'प्रकाश सिंह मामले' में दिये गए अहम फैसले में UPSC द्वारा फाइनल किए गए पैनल में शामिल तीन सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से किसी एक को डीजीपी के चयन के लिए अनिवार्य किया था और दो साल का निश्चित कार्यकाल निर्धारित किया गया था। इसीलिए UPSC ने पंजाब सरकार को भेजे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 2006 के प्रकाश सिंह मामले के फैसले और 5 फरवरी 2026 के ताजा आदेश का हवाला देते हुए समयबद्ध पैनल भेजने को कहा है और यह चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकारें समय पर पैनल नहीं भेजतीं, तो सुप्रीम कोर्ट के अनुपालन में परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

2022 से गौरव यादव पंजाब के कार्यवाहक DGP

गौरतलब है कि पंजाब में जुलाई 2022 से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यरत हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए यह जिम्मेदारी दी गई थी। वे तीन वर्ष सात महीने से अधिक समय से इस पद पर हैं। गौरव यादव को लंबे समय तक कार्यवाहक DGP बनाए रखने पर कई बार भगवंत मान सरकार पर सवाल भी खड़े हो चुके हैं।

बतादें कि, आईपीएस गौरव यादव (IPS Gaurav Yadav) ने पंजाब में विभिन्न बड़े पदों पर काम किया है। उन्होंने 2016-17 के दौरान पंजाब पुलिस के खुफिया विंग का नेतृत्व किया था. डीजीपी (Acting DGP of Punjab) बनने से पहले यादव मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। गौरव यादव सीएम भगवंत मान के काफी करीबी माने जाते हैं। यादव की गिनती सीएम मान के पसंदीदा अफसरों में होती है।

CM ने कहा था- हमारे DGP का फैसला UPSC क्यों लेगी?

गौरतलब है कि जून 2023 में सीएम भगवंत मान द्वारा पंजाब विधानसभा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित यूपीएससी प्रक्रिया से अलग राज्य-नियंत्रित सात सदस्यीय समिति के माध्यम से डीजीपी चयन का प्रावधान करने वाला संशोधन विधेयक पारित किया था। हालांकि यह विधेयक राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के पास विचारार्थ भेजे जाने के बाद से लंबित है। सीएम भगवंत मान ने कहा था कि हम अपना DGP खुद नियुक्त करेंगे। हमारे राज्य के DGP का फैसला UPSC क्यों लेगी? हम क्यों UPSC को पैनल भेजें।